Dil-Bechara❤️
#DilBechara आप अपने घर के रिवाजों से खिलाफत कर सकते है ? अगर नहीं कर सकते तो, दिल बेचारा जरूर देखें । फिल्म का शुरुआती बैकग्राउंड डायलॉग - "एक था राजा एक थी रानी, मेरी नानी हमेसा बचपन में ये कहानी सुनती थी- पर ऐसी कहानियां किसी को अच्छी नहीं लगतीं, हमे तो प्यार, पागलपन और वो रोमांटिक बकवास पसंद है, जो बॉलीवुड बनाता है"। ये फिल्म बॉलीवुड के बैनर तले बनी है। प्यार को तय मानकों और सलीके से कहानी को आस पास के किरदारों से सजा कर एक निश्चित अंत तक पहुँचाना, इस घर का रिवाज । अनिश्चित कहानी में निश्चित बस एक है, अंत और उसका होना । चाहे वो प्रेम हो या जिंदगी, सबका अंत निश्चित है । अंत अभिमन्यु के "तुम न हुए मेरे तो क्या, मैं तुम्हारा, मैं तुम्हारा...." जैसा है, अधूरा, क्यूंकि जिंदगी ही अधूरी है । अभिमन्यु के अधूरे गाने के पूरा होने का इंतज़ार करती कीजी, मैनी से मिलकर पूरा होने के एहसास में खुद सिहरने लगती है । उसे पता था, उसे जाना है, फिर भी इस अंत के एहसास को सेरी बोल, दोनों एक दूसरे में शरीक हो जाते हैं । कीजी मन ही मन समझती थी ये समबन्ध बराबरी का नहीं है, उसे ए...